बस्तर की बदलती तस्वीर का उत्सव, 22 मार्च को ‘बस्तर मैराथन’
जगदलपुर। बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के नए युग का जश्न मनाने के लिए आगामी 22 मार्च 2026 को ‘बस्तर मैराथन’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. यह मैराथन जिला मुख्यालय जगदलपुर से शुरू होकर विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात चित्रकोट तक आयोजित की जाएगी।
शांति और विकास का संदेश
इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य दुनिया को बस्तर की सकारात्मक और बदली हुई तस्वीर से रूबरू कराना है. बस्तर आईजी पी. सुन्दराज ने कहा कि बस्तर अब पूरी तरह सुरक्षित है और यहां की प्राकृतिक सुंदरता व सांस्कृतिक विरासत पर्यटकों और एथलीट के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।
अबूझमाड़ पीस मैराथन की तर्ज पर तैयारी
इससे पहले आयोजित ‘अबूझमाड़ पीस मैराथन’ की अभूतपूर्व सफलता और उसमें देश-विदेश के धावकों के भारी उत्साह को देखते हुए इस बार बस्तर मैराथन को लेकर भी व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. प्रशासन और आयोजन समिति को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में स्थानीय जनता और अंतरराष्ट्रीय स्तर के एथलीट इस दौड़ का हिस्सा बनेंगे।
पर्यटन और संस्कृति का संगम
मैराथन के माध्यम से प्रतिभागियों को बस्तर की वादियों और यहां की समृद्ध परंपराओं को करीब से देखने का अवसर मिलेगा. यह आयोजन न केवल खेल भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि बस्तर के पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान को भी नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
सदियों पुरानी युवती की कब्र बनी शोध का केंद्र, वैज्ञानिकों ने किए चौंकाने वाले खुलासे
हेयरफॉल से राहत पाने के लिए लोग अपना रहे हैं यह तरीका, जानें कितना कारगर है
Nestle India का शानदार प्रदर्शन, पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट 48% बढ़ा
ममता का दर्दनाक अंजाम, जिन बेटों के लिए मां-बाप ने मांगी लंबी उम्र, उन्हीं ने छीन ली उनकी जिंदगी
छात्रों पर कार्रवाई के विरोध में बोले नसीरुद्दीन शाह, दिल्ली पुलिस को लेकर दिया विवादित बयान
शरद पवार-सुप्रिया सुले की पीएम मोदी से मुलाकात, राजनीतिक अटकलों का दौर शुरू
महज 18 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा, 'गॉडजिला एक्स कॉन्ग' एक्ट्रेस केली हॉटल का निधन
शारदा नदी का जलस्तर बढ़ते ही लखीमपुर खीरी में बाढ़ का संकट, कई गांवों का संपर्क कटा
संसद में जारी संग्राम, हंगामे के चलते लोकसभा-राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
T20 सीरीज से पहले पिच का पूरा विश्लेषण, हरारे में बल्लेबाजों या स्पिनर्स में किसका रहेगा दबदबा?