मीनोपोज के बाद फिट रहने खानपान में करें बदलाव
मीनोपोज ( माहवारी) बंद होने के बाद बढ़ने वाला बैली फैट कई महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या है। ये कोई साधारण फैट नहीं है, जो डाइटिंग और योगा से कम हो जाए! इसलिए इसे जिद्दी फैट भी कहा जाता है। शोधकर्ताओं ने इस वजह को ढूंढ निकाला है कि आखिर मीनोपोज के बाद मोटापा क्यों बढ़ता है? शोधकर्ताओं के मुताबिक, मीनोपोज के बाद एस्ट्रोजन लेवल कम होने से हिप्स और थाईंज का फैट लोअर-एब्डॉमन में चला जाता है लेकिन डाइट में बदलाव करके आप शरीर का एक्सट्रा फैट घटा सकते हैं।
मीनोपोज के बाद के मोटापे को यूं घटाएं
आमतौर पर महिलाएं बेली फैट कम करने के चक्कर में हेल्दी फैट का सेवन करना भी छोड़ देती हैं जो कि गलत है। क्या आप जानते हैं कुछ फैट ऐसे भी होते हैं जिनका सेवन बैली फैट घटाने में मदद कर सकता है। जैसे एवोकैडो, ऑलिव्स, सैल्मन मछली और कोकोनट ऑयल। अध्ययन से पता चला है कि एक महीने के लिए हर सप्ताह तीन बार 28 ग्राम साल्मन मछली खाने से लगभग एक किलो से अधिक वजन घटाया जा सकता है। ऐप्पल साइडर विनेगर (सिरका) आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है। सिरका में शामिल एसिडिक एसिड प्रोटीन वजन कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही ग्रीन स्मूदी भी आपका बैली फैट घटाने में मददगार हो सकती है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (26 फ़रवरी 2026)
छत्तीसगढ़ विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा, सीएम साय का कांग्रेस पर हमला
रीवा के केमिकल-फ्री रंगों की देशभर में डिमांड, मंदिरों के फूलों से बन रहा होली का गुलाल
जबलपुर में 5 अफगानी घुसपैठिए 10 मार्च तक न्यायिक रिमांड पर, दमोह में बनवाए थे फर्जी पासपोर्ट
विधानसभा में गूंजा निराश्रित गौवंश का मुद्दा
बेटी की लव मैरिज से नाराज़ पिता बना ‘बुलडोजर बाबा’, JCB से दामाद का घर ढहाया
Madhya Pradesh में इंडस्ट्रियल मीट पर 201 करोड़ खर्च
70 महीनों में 715 कैदियों की मौत का खुलासा
Seoni के स्कूलों में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
Bhopal के बड़े तालाब पर बढ़ता अतिक्रमण