कलगीधर सत्संग मंडल सत्संग नहीं बल्कि संस्कार केंद्र: सुरेश जग्यासी

नागपुर, 12 अगस्त। स्थानीय श्री कलगीधर सत्संग मंडल जरीपटका द्वारा 22 वर्ष पूर्व कुछ दहेज व विवाह सुधार संबंधी प्रस्ताव पारित किए थे जिसमें गुरूनानकदेव की कृपा से दहेज मांग में काफी अंकुश व सुधार आया है। विगत कुछ वर्षों से विवाह संबंधी अन्य समस्याएं जैसे तलाक, विवाह देर से होना इत्यादि के निवारण हेतु चर्चा सत्र श्री कलगीधर सत्संग मंडल हॉल में आयोजित किया गया। इसमें नाग विदर्भ सेन्ट्रल सिंधी पंचायत की सभी 42 पंचायतें, विभिन्न संस्थाएं व समाज के प्रमुख नागरिक शामिल हुए।
मंच पर श्रद्धेय संत श्री माधवदास ममतानी (वकील साहेब), नाग विदर्भ सेन्ट्रल सिंधी पंचायत के अध्यक्ष सुरेश जग्यासी, घोटकी पंचायत के वलीराम सहजरामानी, वरिष्ठ समाजसेवी श्री विजय केवलरामानी, विदर्भ सिंधी विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. विंकी रूघवानी उपस्थित थे।
डॉ. गुरमुख ममतानी ने प्रास्ताविक भाषण में बताया कि मंडल धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी अग्रणी है। मंडल द्वारा कुछ सुधार प्रस्ताव पारित किए गए जैसे विवाह में देखादेखी न कर सामर्थ्यानुसार खर्च करें। शादी के पहले बैचलर पार्टी, पूल पार्टी व प्रीवेडिंग शूट जैसे फिजूल खर्चों से बचें। लड़कीवालों को अन्य डिमांड न करते हुए लड़के की योग्यता पर ध्यान देना चाहिए। माता-पिता उत्तम संस्कार हेतु बचपन से ही बच्चों को धार्मिक स्थलों पर जाने के लिए प्रेरित करें।
अध्यक्षीय भाषण में श्री सुरेश जग्यासी ने श्री कलगीधर सत्संग मंडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह केवल सत्संग नहीं बल्कि संस्कार केन्द्र भी है। शादी के बाद कुछ समस्याएं आती हैं तो उनकी पंचायत ऐसे केसेस सुलझाती है। पहले 80% केसेस वे सुलझा लेते थे और 20% सुलझाने में असमर्थ होते थे पर आजकल यह प्रतिशत उल्टा हो गया है (20/80) जो कि हमारे समाज के लिए चिंताजनक व विचारणीय स्थिति है।
डॉ. विंकी रूघवानी ने कहा कि आज हमारे समाज में तलाक की समस्या बढ़ती जा रही है अतः हमें युवाओं की विवाह पूर्व काउंसलिंग कर उन्हें मार्गदर्शन करना चाहिए। श्री वलीराम सहजरामानी ने मंडल की प्रशंसा करते हुए शादी संबंधी सुझावों को सहमति प्रदान की। श्री विजयकुमार केवलरामानी ने कहा कि परिवार में सभी ने एक-दूसरे से समन्वय बिठाकर, मर्यादा में रहकर, मिल जुलकर रहना चाहिए व सभी ने एक दूसरे का सम्मान बनाए रखना चाहिए। इसके अलावा भिन्न-भिन्न पंचायतों के अध्यक्षों व गणमान्य नागरिकों ने अनेक सुधार संबंधी सराहनीय मत रखे।
कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन श्री विक्रम जग्यासी ने किया व अधि. माधवदास ममतानी ने गुरू महाराज से अरदास कर कार्यक्रम समापन होने की घोषणा की।