'अरपा पैरी के धार' पर किसका हक? कॉपीराइट आने से गरमाया माहौल
छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत अरपा पैरी के धार… को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। इसके कॉपीराइट को लेकर राज्य के कलाकारों और संगीत प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे लेकर वे काफी आक्रोशित भी हैं। सोशल मीडिया में इसे लेकर बहस शुरू हो गई हैं।
सुंदरानी चैनल से मिल रहा कॉपीराइट
प्रसिद्ध लोक कलाकार व संगीत नाट्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित राकेश तिवारी के अनुसार, यूट्यूब में अरपा पैरी के धार… गाना अपलोड करने पर सुंदरानी चैनल से कॉपीराइट मिलने लगा है। कलाकारों का कहना है कि कोई भी चैनल कैसे इसके लिए अपना दावा कर सकता है? क्या उन्हें गीत के रचनाकार रचना नरेंद्र देव वर्मा ने अधिकार दिया हैं?
इसे लेकर शुरू करेंगे अभियान
ये समझ नहीं आया, क्योंकि ये गीत तो किसी और ने लिखा है और कई लोगों ने इस गीत को गाया भी है तो किसी का कॉपीराइट या अधिकार इसमें कैसे हो सकता है। अब मैं जल्द ही एक अभियान शुरू करने जा रहा हूं जिसमें गीतों के उत्तराधिकारी से मिलकर इसपर चर्चा करूंगा। उन्होंने कहा कि अरपा पैरी के धार राजगीत है। उसमें किसी को भी कॉपीराइट नहीं लगाना चाहिए। 4 माह पहले अपलोड किए गए गाने के नाम पर कॉपीराइट सामने आ रहा है। ऐसा नहीं होना चाहिए।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 मार्च 2026)
सरकार का बयान- घबराहट के कारण बढ़ी सिलेंडर बुकिंग
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनजातीय अंचल के विकास में खेत और किसान की अच्छी सेहत जरूरी : राज्यपाल पटेल
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट के बीच सिलेंडर छोड़ इंडक्शन पर शिफ्ट हुआ सागर गैरें
एमपी में राज्यसभा की एक सीट पर सस्पेंस, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
बिहार चुनाव: बीजेपी के बटुए से निकले 146.71 करोड़, सबसे ज्यादा 89 विधायक जीते
हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा—भारत में गैस-तेल की कोई कमी नहीं