पिता-पुत्र समेत हिंसा के चार और उपद्रवी गिरफ्तार
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पिता-पुत्र और दो सगे भाई शामिल हैं। अब तक कुल 96 उपद्रवियों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस अन्य आरोपियों की धरपकड़ में लगी है।
दरअसल, 24 नवंबर 2024 को एडवोकेट कमिश्नर की टीम द्वारा जामा मस्जिद का सर्वे किया जा रहा था। सर्वे के दौरान अचानक मस्जिद के पीछे वाले रास्ते पर भीड़ एकत्र होने लगी, जो देखते ही देखते उग्र हो गई। कुछ ही देर में उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी।
चार लोगों की मौत हो गई थी
इस हिंसक घटना में चार लोगों की मौत हो गई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इसी दौरान नखासा थाना क्षेत्र के हिंदूपुरा खेड़ा में भी उपद्रवियों ने गश्त कर रही पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। पुलिस के कुछ वाहनों में आग भी लगा दी गई। साथ ही पुलिसकर्मियों के कारतूस और मैगजीन तक लूट लिए थे। इस मामले में पुलिस ने कई एफआईआर दर्ज कर ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की थी।
अब 96 लोग भेजे जेल
इससे पहले जामा मस्जिद के सदर जफर अली समेत कुल 92 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। शुक्रवार को कार्रवाई में कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला कोटपूर्वी निवासी अब्दुल अली और उसके बेटे अकबर अली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके साथ ही दो सगे भाई हैदर अली और मुनव्वर अली को भी पकड़ा है। ये सभी घटना के समय मौजूद थे और पथराव करते पाए गए थे। इनकी पहचान सर्वे के दौरान बनाए गए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर की गई। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। नखासा और कोतवाली पुलिस अन्य आरोपितों की तलाश में लगातार जगह-जगह दबिश दे रही है।
रीवा के केमिकल-फ्री रंगों की देशभर में डिमांड, मंदिरों के फूलों से बन रहा होली का गुलाल
जबलपुर में 5 अफगानी घुसपैठिए 10 मार्च तक न्यायिक रिमांड पर, दमोह में बनवाए थे फर्जी पासपोर्ट
विधानसभा में गूंजा निराश्रित गौवंश का मुद्दा
बेटी की लव मैरिज से नाराज़ पिता बना ‘बुलडोजर बाबा’, JCB से दामाद का घर ढहाया
Madhya Pradesh में इंडस्ट्रियल मीट पर 201 करोड़ खर्च
70 महीनों में 715 कैदियों की मौत का खुलासा
Seoni के स्कूलों में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
Bhopal के बड़े तालाब पर बढ़ता अतिक्रमण
Gaurav Gogoi इंडिया-फिलीपींस संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष नामित
Bharatiya Janata Party vs Indian National Congress: सियासत में नया घमासान