जी एच रायसोनी मेमोरियल टॉक में मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा ने युवाओं को किया संबोधित 

नागपुर, 1 जुलाई। कल यहॉं स्थानीय डॉ. वसंतराव देशपांडे मेमोरियल हॉल में रायसोनी समूह द्वारा आयोजित टॉक शो में देश के जाने—माने स्पीकर सोनू शर्मा ने जीवन में अनुशासन के महत्व को बताते हुए कहा कि देश को सिर्फ एक साल के अनुशासन की जरूरत है, सौ अमेरिका उसके आगे घुटने टेकते नजर आएंगे। श्री शर्मा ने यह बात जी एच रायसोनी मेमोरियल टॉक में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कही। 

इस कार्यक्रम का आयोजन रायसोनी फाउंडेशन, ऑरेंज सिटी लिटरेचर फेस्टिवल तथा जी एच रायसोनी स्किल टेक यूनिवर्सिटी, नागपुर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। अत्यंत उल्लासमय वातावरण में संपन्न इस प्रेरणादायी कार्यक्रम में बड़ी संख्या  विद्यार्थी, शिक्षक, उद्यमी, पेशेवर तथा समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिक मौजूद थे। इस अवसर पर पूर्व सांसद अजय संचेती, रायसोनी समूह के अध्यक्ष सुनील रायसोनी, रायसोनी समूह के कार्यकारी निदेशक श्रेयस रायसोनी एवं सुश्री पलक रायसोनी सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य अतिथि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

 

लेखक, शिक्षाविद्, बिजनेस कंसल्टेंट तथा डायनामिक इंडिया ग्रुप के संस्थापक सोनू शर्मा ने अपने प्रेरणात्मक व्याख्यान में अनेक महत्वपूर्ण बातों पर प्रकाश डाला। उन्होंने "द इनर ऑपरेटिंग सिस्टम –हाउ माइंडसेट, डिसिप्लिन, रिलेशनशिप्स एंड अडेप्टेबिलिटी शेप सक्सेस" विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जीवन और करियर में सफलता प्राप्त करने के अनेक व्यावहारिक सूत्र साझा किए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को केवल अपने मन पर भरोसा नहीं करना चाहिए, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण लक्ष्य, योजनाएं और जिम्मेदारियाँ लिखित रूप में रखना चाहिए। लिखित योजना से स्पष्टता आती है और उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है।

पोटेंशियल और प्रोसेस के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि पोटेंशियल सभी में होता है, लेकिन सफलता उन्हीं को मिलती है, जो प्रोसेस से गुजरते हैं। और प्रोसेस कभी भी आनंददायक नहीं होता। पीड़ा प्रोसेस का अभिन्न अंग है।  प्रोसेस यानी प्रक्रिया का सही ढंग से पालन करना और उसे अनुशासनपूर्वक लागू करना ही सफलता की कुंजी है। प्रक्रिया ही आपकी बॉस होनी चाहिए। चाहे मन करे या न करे, जो आवश्यक है उसे निरंतर करते रहना चाहिए।"

श्री शर्मा ने यह भी कहा कि एक विचार में इंसान का जीवन बदल देने की शक्ति होती है। हमारा हमारे विचारों से तय होता है। विचार ही हमारे निर्णयों, कार्यों और अंततः हमारे जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। इसलिए सकारात्मक सोच विकसित करना, आत्म-अनुशासन बनाए रखना तथा सही प्रक्रियाओं का निरंतर पालन करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है।

पूरे सत्र के दौरान श्री शर्मा ने अपने जीवन के अनुभवों, प्रेरक प्रसंगों और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से सही सोच, अनुशासन, मजबूत संबंधों और बदलते समय के अनुसार स्वयं को ढालने के महत्व को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनकी सहज संवादात्मक एवं प्रभावशाली शैली ने श्रोताओं को पूरे समय मंत्रमुग्ध रखा। उनके विचारों का उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

जी एच रायसोनी मेमोरियल टॉक का उद्देश्य समाज में सकारात्मक विचारों का प्रसार करना, युवाओं को प्रेरित करना तथा प्रभावशाली व्यक्तित्वों के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता को नई दिशा देना है। इस वर्ष के व्याख्यान ने प्रतिभागियों को सफलता की पारंपरिक परिभाषा से आगे बढ़कर आत्म-विकास, दृढ़ संकल्प, निरंतर सीखने और सकारात्मक जीवन दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की प्रस्तावना व स्वागत उद्बोधन रायसोनी स्कूल की कार्यकारी निदेशक पलक रायसोनी द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं  कार्यक्रम के अंत में आयोजकों की ओर से श्रेयस रायसोनी द्वारा  सोनू शर्मा सहित सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। साथ ही, भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक आयोजनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 

इस अवसर पर आॅडियो—वीडियो डॉक्यूमेंट्रीज के माध्यम से रायसोनी समूह द्वारा समाज, पर्यावरण, कला—संस्कृति, खेल, साहित्य आदि के क्षेत्र में चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी बताया गया। इनमें रायसोनी समूह के नॉलेज फाउंडेशन जल संरक्षण के लिए चलाया जा रहा अमृत धारा अभियान, स्पोर्ट्स एंड कल्चरल फाउंडेशन की राज्यस्तरीय एकांकी स्पर्धा करंडक, आॅरेंज सिटी लिटरेचर फेस्टिवल की किस्सागोई पहल आगाज आदि का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। 

रिपोर्ट: डॉ. संदीप अग्रवाल, नागपुर
इनपुट: प्रेस विज्ञप्ति