पाकिस्तान में न जनता सुरक्षित न मुर्दे
इस्लामाबाद। आतंक की आग में झुलस रहे पाकिस्तान में अब अस्पताल में रखे शव भी सुरक्षित नहीं हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी के विद्रोही पाकिस्तान में ट्रेन हाईजैक के दौरान अपने मारे गए साथियों के शव अस्पताल पर हमला कर ले भागे।
ट्रेन हाईजैक के बाद सेना द्वारा की कई कार्रवाई में कई बलूच विद्रोही मारे गए थे, जिनके शव बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा के सिविल अस्पताल में रखे गए थे। कल बड़ी संख्या में बलूच विद्रोही अस्पताल पर हमला कर अपने साथियों के शव ले भागे। इस दौरान उनका विरोध करने वाला कोई मौजूद नहीं था। सेना के जो जवान अस्पताल की सुरक्षा में लगाए गए थे, वे भी बड़ी तादाद में पहुंचे बलूच विद्रोहियों से डरकर दुबक गए। उधर, अस्पताल में लापता व्यक्तियों के परिजनों का भी तांता लगा हुआ है और वे लोग शवों की पहचान करने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं। इस घटना में कुछ यात्रियों की भी मौत हुई थी, लेकिन सेना द्वारा केवल विद्रोहियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है।
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