द न्यू भारत की ओर से विशेष चर्चा सत्र का आयोजन 

नागपुर, 11 अगस्त.  रविवार को यहॉं टीएनबी यानि  द न्यू भारत की ओर से जनमंच कार्यक्रम के तहत नगर के जाने—माने समाजसेवी एवं राजनीतिज्ञ शैलेश पाण्डेय के साथ एक विशेष  चर्चात्मक विमर्श का आयोजन किया गया, जिसमें नागपुर शहर में हिन्दी भाषियों की उपस्थिति, उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक स्थिति तथा राजनीति में उनकी भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा व चिंतन—मनन किया गया. 

चर्चा में टीएनबी के संस्थापक रवि शुक्ला ने श्री पाण्डेय से उनकी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन-यात्रा के विविध पक्षों से जुड़े अनेक सवाल पूछे, जिनके माध्यम से उपस्थि​तों को श्री पाण्डेय के बारे में ​और उत्तर भारतीयों के बारे में किए गए उनके प्रयासों के बारे में विस्तार से जानने का अवसर मिला. 

इस विमर्श में सबसे अहम जो बात सामने उभरकर आई, वह यह थी कि एक बड़ी संख्या, जो किसी भी महत्वपूर्ण मौके पर निर्णायक की भूमिका निभा सकती है, हमेशा सिर्फ इसलिए उपेक्षित रह जाती है, क्योंकि उसमें एकता और दूरदर्शी नेतृत्व का गहरा अभाव है.

इस बात को ध्यान में रखते हुए राजनीति में समाज की भागीदारी, नीति-निर्माण और शहर के भविष्य को लेकर जागरूकता और संवाद को प्रोत्साहित करने जैसे लक्ष्यों को हासिल करने के लिए संभावित उपायों पर भी लंबी चर्चा हुई, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों व विचारधाराओं से जुड़े रामनारायण मिश्रा, नितिन तिवारी, मनोज पांडे, रामप्रताप शुक्ला, पी नरेंद्र कुमार, शत्रुघ्न तिवारी, गजेंद्र सिंह लोहिया, गुरमीत सिंघ खोखर, मीना तिवारी, रति चौबे, गौरव मिश्रा, प्रेमप्रकाश दुबे, विवेक पाण्डेय, डी बी सिंह, कवि शब्बीर भाई विद्रोही आदि अनेक प्रबुद्धजनों ने दलगत ​मतभेदों को भुलाकर उत्तर भारतीय समाज के उन्नयन के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति जताई. 

कार्यक्रम का संयोजन व आभार प्रदर्शन सत्येन्द्र प्रताप सिंह द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का संचालन आशुतोष तिवारी ने किया. इस अवसर पर कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के विविध क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट प्रतिनिधि, सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक क्षेत्र के विशेषज्ञ, स्वयंसेवी संस्थाएं, शिक्षाविद्, युवा विचारक तथा जागरूक नागरिक उपस्थित थे.  

ज्ञातव्य है कि द न्यू भारत एक आभासी पटल है, जिसकी शुरुआत, युवा विचारक एवं चिंतक प्रा. रवि शुक्ला द्वारा वर्ष 2020 में की गई थी.टीएनबी का प्रमुख उद्देश्य देश में स्वस्थ चर्चाओं को स्थापित करना है. विगत पॉंच वर्षों में इसके द्वारा अब तक 2,000 से अधिक विविध विषयों पर आभासी कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं,जिनमें साहित्य, संस्कृति, समाज, शिक्षा, राजनीति, विज्ञान, तकनीक, कला और समसामयिक मुद्दों पर सार्थक विमर्श शामिल है. इन कार्यक्रमों के माध्यम से देश—विदेश के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व इस पटल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके हैं. तटस्थ, निष्पक्ष और निर्भय चर्चाओं को समर्पित द न्यू भारत का भविष्य में यही लक्ष्य है कि देश के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचकर इस संवाद संस्कृति को और अधिक व्यापक व प्रभावी बनाया जाए, ताकि बिना किसी प्रभाव, पक्षपात या वैचारिक दबाव के, स्वतंत्र रूप से हो विचारों का आदान-प्रदान सके.

- संदीप अग्रवाल