वीएनआईटी, नागपुर में हुआ सम्मान  

नागपुर, 16 अप्रैल। ग्रुप केंद्र केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) नागपुर में राजभाषा हिंदी के प्रभारी के सुन्दरेसन, जो स्थानांतरण के उपरांत अगले सप्ताह म.प्र. के नीमच शहर जा रहे हैं,   के सम्मान में विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (VNIT), नागपुर के सीनेट हॉल में आयोजित विदाई समारोह में श्री कृष्णमूर्ति सुन्दरेसन को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), नागपुर द्वारा किया गया था। श्री के सुन्दरेसन का पौधा,शॉल,श्रीफल, मान पत्र और मेमेंटो देकर अतिथियों ने सत्कार किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता VNIT वीएनआईटी  हिंदी कार्यान्वयन समिति के कार्याध्यक्ष डॉ. ज्ञानप्रकाश सिंह ने की। संस्थान के कुलसचिव सचिन जगदाले ने हिंदी में उनके योगदान की सराहना करते हुए उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं। 

अपने अध्यक्षीय संबोधन में ज्ञानप्रकाश सिंह ने कहा कि जिस तरह किसी मशीन के सभी कलपुर्जे एक साथ एक ही लक्ष्य के लिए काम करते हैं, उसी तरह सभी मिलकर एक दिशा में आगे बढ़ें तभी देश और समाज का विकास होता है। उन्होंने कहा कि नराकास भी एक परिवार की तरह है, जिसमें सभी सदस्य एक साथ काम करते हैं। 

इससे पूर्व अशोक विश्वकर्मा ने श्री सुन्दरेसन के स्थानांतरण के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विदाई नहीं है, सिर्फ स्थानांतरण है। आईबीएम के अभिनय शर्मा कहा कि दक्षिण भारतीय होते हुए भी उनका हिंदी के प्रति अनुराग और इसके विकास के लिए दिया गया योगदान असाधारण है। उन्होंने आशा प्रकट की कि श्री सुन्दरेसन, जहॉं भी जाएंगे, विभागों को इसी प्रकार अपने अनुभव और योग्यता का लाभ पहुॅंचाएंगे। राजेश शर्मा ने कहा कि वे कामना करते हैं कि श्री सुन्दरेसन फिर से नागपुर वापस लौटें, क्योंकि हर विदाई मिलन की शुरुआत होती है और अगर भाग्य में फिर से मिलना लिखा हो तो हर क्षण मिलन के और अधिक करीब ले जाता है। 

दीपक चौहान ने उनके सम्मानपत्र का वाचन करते हुए कहा कि श्री सुन्दरेसन हिंदी से संबंधित सभी कार्यक्रमों, कार्यशालाओं आदि में हमेशा सक्रिय रहे हैं। स्वभाव से हॅंसमुख्, मिलनसार श्री सुन्दरेसन का कार्यकाल अनुशासन और दक्षता का अनुकरणीय उदाहरण है। 


                                                                                                                                          अपने सत्कार के प्रत्युत्तर में श्री सुन्दरेसन ने नराकास के पदाधिकारियों और मित्रों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि नागपुर उन्हें हमेशा घर जैसा फील होता है। यहॉं की प्यार भरी यादें वे हमेशा अपने दिल में संजो कर रखेंगे। 100 से अधिक सम्मान व पुरस्कारों से नवाजे जा चुके श्री सुन्दरेसन ने सभी उपलब्धियों का श्रेय वरिष्ठों के मार्गदर्शन व स्वयं की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि वह नागपुर छोड़कर जाना नहीं चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा बलों का एक सिद्धांत है, डू आॅर डाई, डॉन्ट आस्क व्हाई। तो उनकी वापसी संभव नहीं है, लेकिन वह प्रयास करेंगे कि नागपुर आते रहें। 

हिंदी प्रेमियों द्वारा आयोजित इस समारोह में श्री एस पी सिंह विशेष कार्य अधिकारी  OSD हिंदी ,वीएनआईटी,हिंदी ने प्रास्ताविक एवं स्वागत भाषण किया। वहीं समारोह का कुशल संचालन डॉ. भारती पोलके ने एवं धन्यवाद ज्ञापन सुश्री पूनम उईके ने किया। 

समारोह में वीएनआईटी की हिंदी कार्यान्वयन समिति के सदस्य तथा विभिन्न कार्यालयों वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड , एग मार्क,भारतीय मौसम विज्ञान कार्यालय, भारतीय खान ब्यूरो, एन पी टी आई, एफ सी आई, इंडियन ऑयल आदि कार्यालयों के हिंदी अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। 

कार्यक्रम के प्रारंभ में सुप्रसिद्ध गायिका पद्मविभूषण आशा भोंसले को मौन रख कर आदरांजलि दी गई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।