दुर्ग में ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ बना मिसाल, सड़क हादसों में आई बड़ी गिरावट
Durg Operation Suraksha : अभियान ने वर्ष 2025 में दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और मजबूत प्रभाव छोड़ा है। सड़क दुर्घटनाओं और यातायात नियमों के उल्लंघन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के चलते हादसों और मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
अभियान के तहत सड़कों पर सतत निगरानी, ब्लैक और ग्रे स्पॉट पर विशेष चेकिंग, तथा नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। इसका सीधा असर यह रहा कि वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटी। खास बात यह रही कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को लगाए गए विशेष चेकिंग पॉइंट्स के दौरान जिले में एक भी सड़क दुर्घटना नहीं हुई।
Durg Operation Suraksha के अंतर्गत वर्ष 2025 में कुल 1,22,000 चालानी कार्यवाहियां की गईं। इनमें बिना हेलमेट वाहन चलाने के 20,235, बिना सीट बेल्ट के 7,238, रैश ड्राइविंग के 1,685 और ड्रिंक एंड ड्राइव के 1,370 मामले शामिल हैं। इसके अलावा अन्य यातायात उल्लंघनों पर भी व्यापक कार्रवाई की गई। ड्रिंक एंड ड्राइव मामलों में न्यायालय द्वारा लगभग ₹1.40 करोड़ का अर्थदंड लगाया गया, जबकि कुल समन शुल्क वसूली ₹3.83 करोड़ से अधिक रही।
ब्लैक और ग्रे स्पॉट पर मृत्यु दर में भी बड़ा सुधार देखने को मिला। जहां 2024 में इन स्थानों पर 23 मौतें हुई थीं, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 3 रह गई।
हैदराबाद का चमत्कार: 800 साल पुराने मंदिर में पानी पर तैर रहा है भारी-भरकम पत्थर
अक्षय तृतीया 2026: आज मनेगा महापर्व, जानें खरीदारी का शुभ मुहूर्त और महत्व
राशिफल 19 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
विश्व धरोहर दिवस पर रायपुर में सजी विरासत की अनोखी झलक, संरक्षण पर विशेषज्ञों का मंथन
बंदूक से विकास की ओर: सुकमा के तुंगल इको-पर्यटन केंद्र की प्रेरक कहानी
उमरिया जिले की पूजा सिंह ने रची आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी
हमने सीवर सफाई के काम को चुनौती के रुप में स्वीकार किया है और हम बदलाव लाकर दिखाएंगे : ऊर्जा मंत्री तोमर
दिशा दर्शन भ्रमण आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर मिले दो प्रतिष्ठित पुरस्कार
राज्यमंत्री गौर का सख्त रुख: लापरवाही पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश