गैर—पारंपरिक ईंधन, फ्यूल की कमी का एकमात्र विकल्प: स्वदेशी जागरण मंच
ऊर्जा के विकल्पों पर सार्थक चर्चा के साथ एसजेएम ने किया नए वित्त वर्ष का स्वागत
नागपुर, 4 अप्रैल। बुधवार को यहॉं स्वदेशी जागरण मंच, नागपुर महानगर द्वारा हर साल की तरह, नए वित्त वर्ष के स्वागत के लिए पुरानी शुक्रवारी में मौजूद माननीय डॉ. हेडगेवार के घर पर एक प्रोग्राम किया गया, जिसमें "कन्वेंशनल फ्यूल के विकल्प के तौर पर नॉन-कन्वेंशनल फ्यूल" विषय पर विद्वजनों ने अपने विचार रखे।
इस विषय पर बात करते हुए देवेंद्र रानाडे ने "बायोगैस प्लांट" के बारे में डिटेल में जानकारी दी, जिसे घर पर या पब्लिक जगहों पर कम लागत में लोकल इकॉनमी के लिए एक असरदार मॉडल के तौर पर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि घर में जमा पराली, कचरा, बेकार खाना और दूसरी चीज़ों को डीकंपोज़ करके मीथेन गैस बनाकर मौजूदा फ्यूल की कमी से कैसे आसानी से बाहर निकला जा सकता है।
इसी क्रम में नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी एक्सपर्ट विजयजी लिमये ने पैलेट और ब्रिकेट बनाकर एनवायरनमेंट फ्रेंडली फ्यूल बनाने के तरीके के बारे में मार्गदर्शन किया. उन्होंने बताया कि खेती से निकलने वाली घास और वेस्ट का इस्तेमाल खेती को सपोर्ट करने वाला साइड बिज़नेस बनाने के लिए भी किया जा सकता है। प्रोग्राम की अध्यक्षता स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय समन्वयक अजयजी पत्की ने की। परिचय एसजेएम के नागपुर शहर समन्वयक प्रो. प्रमोद प्रमोद मारोडकर द्वारा और धन्यवाद ज्ञापन धनंजय भिड़े द्वारा प्रस्तुत किया गया।
चर्चा के दौरान यह भी घोषणा की गई कि भविष्य में इसी विषय पर एक दिन की वर्कशॉप रखी जाएगी ताकि जनसामान्य को इस विषय में गहराई से मार्गदर्शन किया जा सके।
इस कार्यक्रम में आर्थिक क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न संगठनों—जिनमें भारतीय मजदूर संघ (BMS), भारतीय किसान संघ (BKS), ग्राहक पंचायत, सहकार भारती और लघु उद्योग भारती शामिल हैं—के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी भाग लिया।
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