अद्भुत है भगवान जगन्नाथ मंदिर की महिमा
पुरी का भगवान जगन्नाथ मंदिर अपनी भव्यता और आस्था के लिए विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन इससे जुड़े कई रहस्य और परंपराएं भी हैं, जो आपको हैरान कर देंगी। इन्हीं में से एक है इस मंदिर का झंडा जो हवा की दिशा के विपरीत लहराता है। आम तौर पर झंडा हवा के साथ उड़ता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं होता। यही बात इस मंदिर को रहस्यमयी और अद्भुत बनाती है.
आज तक कोई पता नहीं लगा पाया है कि मंदिर का झंडा हवा के विपरीत दिशा में क्यों लहराता है। स्थानीय लोग इसे भगवान जगन्नाथ की दैवीय शक्ति का संकेत मानते हैं। कहा जाता है कि मंदिर के ऊपर लहराता झंडा नकारात्मक ऊर्जाओं को खत्म करता है और पूरे वातावरण में सकारात्मकता फैलाता है। इस झंडे को हर दिन बदला जाता है, लेकिन यह काम कोई साधारण नहीं है, बल्कि भगवान के प्रति भक्ति और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। हर शाम लगभग सूर्यास्त के समय पुराना झंडा उतारकर नया त्रिकोणीय झंडा लगाया जाता है.
ऐसा भी मान्यता है कि अगर किसी दिन झंडा नहीं बदला गया, तो मंदिर 18 सालों तक बंद हो सकता है। इसलिए चाहे बारिश हो या तूफान, यह परंपरा एक दिन के लिए भी नहीं रुकती। झंडा बदलने का यह कार्य एक विशेष परिवार, जिसे चुनरा सेवक या चोला परिवार कहा जाता है, के हाथों से ही होता है। इस परिवार के लोग लगभग पिछले 800 सालों से यह पवित्र जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
सबसे हैरानी की बात यह है कि वे बिना किसी सुरक्षा उपकरण के 214 फुट ऊंचे मंदिर के शिखर पर चढ़ते हैं और वहां झंडा बदलते हैं। कहा जाता है कि आज तक इस परिवार के किसी भी सदस्य को इस काम के दौरान कोई चोट नहीं लगी। यह झंडा केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक है।
‘3 इडियट्स’ के पार्ट 2 को लेकर एक्साइटमेंट बढ़ी, आमिर ने दिया बड़ा बयान
‘सिक्किम पूर्वी भारत का स्वर्ग’, पीएम मोदी ने 50वें स्थापना दिवस पर दी ₹4000 करोड़ की सौगात
Indian Space Research Organisation का बड़ा फैसला: आम भारतीय भी बन सकेंगे अंतरिक्ष यात्री
Salim Dola भारत लाया गया, दिल्ली में पूछताछ जारी
दूसरी प्रेग्नेंसी के बाद दीपिका-रणवीर की पहली झलक, फैंस हुए एक्साइटेड
किसान मोर्चा में नई जिम्मेदारियां, Madhya Pradesh में 10 जिला अध्यक्षों की घोषणा
Bharat Kapoor का निधन, 80 की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से मौत
Gujarat में सपा की एंट्री, निकाय चुनाव में बड़ी जीत