छात्र, शिक्षा नीति और नेतृत्व पर हुआ गहन विमर्श

नागपुर, 16 जनवरी। शनिवार को यहॉं TNB – द न्यू भारत द्वारा आयोजित TNB जनमंच : चाय, चर्चा और चिंतन के अंतर्गत शिक्षा, नई शिक्षा नीति और राष्ट्र निर्माण की भूमिका पर गंभीर, विचारोत्तेजक और तथ्यपरक संवाद का आयोजन किया गया।

इस चर्चा में डॉ. मनाली क्षीरसागर, कुलपति, राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय तथा प्रो. भीमराया मेत्री, निदेशक, भारतीय प्रबंध संस्थान नागपुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर डॉ. मनाली क्षीरसागर ने कहा कि आज के विद्यार्थी विश्वविद्यालयों को उनके वादों या दृष्टि वक्तव्यों से नहीं, बल्कि समय पर परीक्षाएँ, त्रुटिरहित परिणाम और समस्याओं के त्वरित समाधान जैसी व्यवस्थाओं से आंकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि अपेक्षित परिणामों के लिए अभिभावकों की सोच में बदलाव भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति 2020 के लगभग 40 प्रतिशत प्रावधानों को अपनाया जा चुका है और यह नीति विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। 

संवाद के दौरान प्रो. भीमराया मेत्री ने IIM नागपुर के कार्यों और भावी रणनीतियों से अवगत कराते हुए कहा कि IIM अब केवल पश्चिमी प्रबंधन मॉडल पर निर्भर न रहकर भारत की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक व्यवस्था को समझते हुए प्रबंधन शिक्षा को आगे बढ़ा रहे हैं, जिससे भारतीय समाज की वास्तविकताओं पर आधारित केस-स्टडी और शोध प्रबंधन शिक्षा को अधिक प्रासंगिक और प्रभावी बनाएँगे। 

इस समग्र संवाद के माध्यम से नागपुर विश्वविद्यालय और IIM नागपुर के वर्तमान कार्यों, शैक्षिक दृष्टि और भावी योजनाओं से परिचय कराया गया। कार्यक्रम का संचालन TNB – द न्यू भारत के संस्थापक प्रा. रवि शुक्ला ने किया, जिन्होंने कहा कि TNB जनमंच का उद्देश्य रचनात्मक और सार्थक संवाद के माध्यम से समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता का वातावरण बनाना है। कार्यक्रम में भिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, युवा विचारक आदि उपस्थित रहे तथा आयोजन को सफल बनाने में संकेत हजारे, सोनू तिवारी और आकांक्षा शुक्ला ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

न्यूज़ सोर्स : टीएनबी प्रेस विज्ञप्ति