मानवता की यही गुहार, वी वांट पीस—नॉट ए वार
मानवता के व्यापक हित में युद्धविराम के लिए की विश्व नेताओं से राष्ट्रीय जनसंपर्क समुदाय की अपील
देश के जनसंपर्क (Public Relations) समुदाय ने अंतरराष्ट्रीय नेताओं से ईरान, इज़राइल, अमेरिका और मध्य पूर्व में जारी युद्ध को तत्काल समाप्त करने की अपील की है। संबंधित देशों से किए गए एक अनुरोध में, पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत पाठक ने कहा है कि मानवता के व्यापक हित में इस युद्ध को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
जब से युद्ध की यह आग भड़की है, यह केवल फैलती ही जा रही है और पूरी दुनिया असहाय होकर देख रही है। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस युद्ध के मानव जीवन, वैश्विक संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को उजागर करें।
डॉ. अजीत पाठक ने कहा, "भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुंबकम' (संपूर्ण विश्व एक परिवार है) से प्रेरित होकर, हम आपसे विनम्रतापूर्वक आग्रह करते हैं कि मानवता के व्यापक हित में तत्काल युद्धविराम पर विचार करें।"
66 वर्ष पुराने इस पेशेवर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हम पूरी दुनिया के लिए अपूरणीय क्षति का सामना कर रहे हैं:
मानव जीवन की अपूरणीय क्षति: हर बीतते दिन के साथ निर्दोष जानें जा रही हैं, परिवार बिखर रहे हैं और आने वाली पीढ़ियां स्थायी आघात (trauma) झेलने को मजबूर हैं। यह मानवीय कीमत स्वीकार्य नहीं है।
महत्वपूर्ण संसाधनों का ह्रास: बुनियादी ढांचे के निर्माण में वर्षों की मेहनत और पैसा लगता है, लेकिन इसे नष्ट होने में एक पल लगता है। यह संघर्ष पेट्रोलियम जैसे आवश्यक संसाधनों को तेजी से निगल रहा है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था अस्थिर हो रही है और दुनिया भर के नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। हम तेल संरक्षण अभियान चलाते रहे हैं क्योंकि हम जीवाश्म ईंधन की सीमित उपलब्धता को समझते हैं; यह युद्ध इन सभी महत्वपूर्ण ऊर्जा संसाधनों को नष्ट कर रहा है।
पर्यावरण का विनाश: यह संघर्ष पर्यावरण को गंभीर और दीर्घकालिक नुकसान पहुँचा रहा है। वायु, जल और भूमि का प्रदूषण हमारे ग्रह के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। यदि अपने लिए नहीं, तो कम से कम हमें अपनी युवा पीढ़ी के लिए गंभीरता से विचार करना चाहिए, जो हमारे लालच, अहंकार और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण भविष्य में हमें कोसेंगे।
राष्ट्रों के बीच विश्वास की कमी: यह संघर्ष राष्ट्रों के बीच विश्वास के नाजुक बंधन को तोड़ रहा है, कूटनीति के रास्ते में बाधा डाल रहा है और स्थायी शांति की संभावनाओं को कमजोर कर रहा है।
परस्पर निर्भर विश्व: आज की अर्थव्यवस्था नागरिकों की बढ़ती आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए अवसरों, संसाधनों और कौशल की मांग करती है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रों के बीच सद्भाव ही आपसी विश्वास का वातावरण बना सकता है। पूरी दुनिया को समृद्ध होने दें—हर चेहरे पर मुस्कान चमकने दें!
हमारा मानना है कि संवाद और कूटनीति ही स्थायी समाधान की कुंजी हैं। हम आपसे तत्काल और स्थायी युद्धविराम के लिए सहमत होने का आग्रह करते हैं, जिसके बाद रचनात्मक बातचीत हो जो इस संघर्ष के मूल कारणों को संबोधित करे और सभी के लिए शांतिपूर्ण भविष्य का मार्ग प्रशस्त करे।
जनसंपर्क का मूल आधार राष्ट्रों और संगठनों के बीच विश्वास कायम करना है। जनसंपर्क पेशेवरों के रूप में, हम सेतु निर्माण और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए संचार की शक्ति को समझते हैं।
PRSI विश्व नेताओं के बीच खुले और ईमानदार संवाद की सुविधा के लिए एक मंच की प्रार्थना करता है। आइए, एक शांतिपूर्ण दुनिया के लिए हर आवाज बुलंद करें।
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