महिलाओं ने मटकों के साथ जताया विरोध, पानी की समस्या बनी बड़ा मुद्दा
दमोह। मध्य प्रदेश का बुंदेलखंड इलाका भीषण गर्मी के इस दौर में एक बार फिर बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। पानी की भारी किल्लत से जूझते लोग अब सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर हैं। ताजा मामला दमोह जिले की तेंदूखेड़ा नगर परिषद से सामने आया है, जहाँ पेयजल संकट विकराल रूप धारण कर चुका है। पानी की समस्या से त्रस्त नागरिकों का धैर्य आखिरकार जवाब दे गया और साप्ताहिक जनसुनवाई के दौरान उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
तहसील कार्यालय में मचा हड़कंप, नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी
तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक 5 से आए आक्रोशित रहवासियों ने नगर परिषद प्रशासन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों को दैनिक जरूरतों के पानी के लिए भी दर-दर भटकना पड़ रहा है। मंगलवार को तहसील कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में वार्डवासी, खासकर महिलाएं, खाली बर्तन लेकर पहुँच गईं। प्रदर्शन के दौरान गुस्साए नागरिकों ने अनुविभागीय अधिकारी (SDM) छोटेलाल गोस्वामी के ठीक सामने अपने मिट्टी के घड़े पटक कर फोड़ दिए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से तहसील परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल निर्मित हो गया।
हफ्ते में सिर्फ दो दिन आ रहा पानी, लाइनमैन पर बदतमीजी के आरोप
प्रदर्शन में शामिल वार्ड निवासी राजेंद्र प्रसाद साहू ने नगर परिषद के लाइनमैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी ड्यूटी में भारी लापरवाही बरतता है और शिकायत करने पर गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार करता है। नागरिकों ने पेयजल सप्लाई को तुरंत नियमित करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा। वहीं, एक अन्य महिला प्रदर्शनकारी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'इस चिलचिलाती धूप और तपती गर्मी में हफ्ते में बमुश्किल सिर्फ एक या दो बार ही नल खोले जाते हैं। ऐसे में हम अपने छोटे-छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर पानी का इंतजाम करने कहाँ भटके?'
एसडीएम ने जल प्रभारी को लगाई फटकार, अल्टीमेटम जारी
जनसुनवाई में नागरिकों का यह रौद्र रूप और उनकी वाजिब परेशानी देखने के बाद एसडीएम छोटेलाल गोस्वामी ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया। उन्होंने मौके पर ही जल प्रभारी रामकुमार यादव को तलब किया और काम में लापरवाही बरतने पर उनकी जमकर क्लास लगाई। एसडीएम ने कड़े लहजे में निर्देश दिए कि वार्डों में कम से कम एक दिन छोड़कर (एकान्तर दिनों में) पानी की सप्लाई हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पेयजल की इस किल्लत को जल्द से जल्द दूर कर लिया जाएगा, जिसके बाद ही ग्रामीण शांत हुए।
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