मंदसौर: मध्य प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में विशेष स्थान रखने वाले सुप्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ की पारंपरिक राजसी सवारी इस वर्ष सावन माह के अंतिम सोमवार, 24 अगस्त को अत्यंत धूमधाम से निकाली जाएगी। उज्जैन में श्री महाकालेश्वर भगवान की निकलने वाली भव्य सवारी की तर्ज पर मंदसौर में भी यह दिव्य आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है। पूरे सावन माह के दौरान पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में प्रतिदिन विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन होगा। श्री काली आरती मंडल द्वारा इस विशाल धार्मिक समारोह की तैयारियां जोर-शोर से प्रारंभ कर दी गई हैं, जिसमें पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।

वर्ष 1996 से निरंतर जारी है राजसी सवारी की परंपरा

मंदसौर नगरी में अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी निकालने का यह पावन सिलसिला वर्ष 1996 से अनवरत चला आ रहा है। हर वर्ष श्रावण मास के अंतिम सोमवार को भगवान पशुपतिनाथ की भव्य पालकी शहर के मुख्य मार्गों और चौराहों से होकर गुजरती है। इस दौरान पूरा नगर भक्तिमय माहौल में डूब जाता है और स्थानीय नागरिक तथा दूर-दराज से आए श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर एवं पूजा-अर्चना के साथ बाबा पशुपतिनाथ का स्वागत करते हैं।

सावन में प्रतिदिन रुद्राभिषेक और विशाल वाहन रैली का आयोजन

आयोजन समिति के अनुसार सावन माह के प्रत्येक दिन प्रातः 6 बजे से 8 बजे तक मंदिर प्रांगण में भगवान पशुपतिनाथ का विशेष अभिषेक और विधिवत रुद्राभिषेक किया जाएगा। राजसी सवारी के मुख्य आयोजन से एक दिन पूर्व, 23 अगस्त को शहर में एक भव्य वाहन रैली निकाली जाएगी जो नगरवासियों को इस पावन पर्व का निमंत्रण देगी। तत्पश्चात 24 अगस्त को निर्धारित पारंपरिक मार्गों से भगवान की शोभायात्रा पूर्ण भव्यता के साथ निकाली जाएगी।

भाद्रपद में छप्पन भोग महोत्सव का भव्य आयोजन

श्रावण मास के संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठानों और राजसी सवारी के समापन के उपरांत 6 सितंबर को भगवान पशुपतिनाथ को 56 प्रकार के विशेष व्यंजनों का दिव्य भोग अर्पित किया जाएगा। इस छप्पन भोग महामहोत्सव के अवसर पर पशुपतिनाथ मंदिर में विशेष महाआरती आयोजित होगी और श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। इस अवसर पर भी बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जनता दर्शन और प्रसादी ग्रहण करने पहुँचेगी।