ईरान से साउथ चाइना सी तक बढ़ता तनाव, ASEAN बैठक में वैश्विक चुनौतियों पर मंथन
मनीला। दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के शीर्ष राजनयिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित होने जा रही है। तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में आसियान देशों के अलावा अमेरिका, चीन, रूस और यूरोपीय संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इस आयोजन का मुख्य केंद्र पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़े हालिया संघर्ष और उससे वैश्विक स्तर पर उत्पन्न तनाव रहेगा। आसियान की अध्यक्षता कर रहे फिलीपींस द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में कूटनीति के कई बड़े चेहरे एक साथ दिखाई देंगे।
ईरान-अमेरिका संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट
बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव जैसे बड़े कूटनीतिज्ञ शिरकत करेंगे। चर्चा का मुख्य बिंदु ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष है, जिसने होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले समुद्री यातायात को खतरे में डाल दिया है। यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आसियान सदस्य देश इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए एक संयुक्त बयान जारी करने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों से शांतिपूर्ण वार्ता बहाल करने की अपील की जाएगी। दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है, इसलिए कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर वहां की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।
एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलती रणनीतिक स्थिति
ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव का असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर केंद्रित होने से दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामक गतिविधियों और ताइवान को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अपने एशियाई सहयोगियों को पूरी मदद का भरोसा दिलाया है। फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने पहले ही राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर ईंधन और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं, ताकि क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आ रहे बदलावों से बचाया जा सके।
क्वाड देशों की बैठक और भविष्य की दिशा
इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के इतर, क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) समूह के विदेश मंत्रियों की बैठक भी मनीला में होनी तय है। महज दो महीने के भीतर यह दूसरी क्वाड बैठक है, जो इस क्षेत्र में बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों को रेखांकित करती है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस बैठक के लिए फिलीपींस पहुंच रहे हैं, जहां वे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और अन्य क्वाड भागीदारों के साथ 'स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र' को बनाए रखने पर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के दृष्टिकोण से न केवल आसियान देशों के लिए, बल्कि समूचे विश्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राशिफल 22 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
किसान अब उन्नत तकनीक की ओर अग्रसर, पैडी ट्रांसप्लांटर विधि से धान रोपाई
मध्यप्रदेश पुलिस का नशे के विरुद्ध सख्त प्रहार
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम सामाजिक न्याय की सबसे बड़ी गारंटी : खाद्य मंत्री राजपूत
अपनी मेहनत और समर्पण से बड़वानी बन रहा देश में कृषि, उद्यमिता एवं नवाचार का उदाहरण : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
निर्वाचन तैयारियां एवं स्वीप गतिविधियां तेज
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीस कम्पनी के पदाधिकारी
पीआरएसआई ने गठित की राष्ट्रीय तथ्य सत्यापन समिति, रोकेगी एआई आधारित दुष्प्रचार
निर्माणाधीन सुरंग हादसे से मचा हड़कंप, 10 मजदूरों की गई जान