शेयर बाजार में गिरावट की शुरुआत, सेंसेक्स 523 अंक टूटा; निफ्टी 24,200 के नीचे
मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का भारी दबाव देखने को मिला, जिससे प्रमुख सूचकांक लाल निशान के साथ कारोबार करने लगे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 523.22 अंक लुढ़ककर 77,628.23 अंक के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 134.10 अंकों की गिरावट दर्ज करते हुए 24,198.25 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। बाजार में जारी इस गिरावट के पीछे वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली को मुख्य कारण माना जा रहा है।
विदेशी पूंजी की निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का रुख
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने से भारतीय मुद्रा पर दबाव साफ तौर पर दिखाई दिया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछले बंद स्तर 96.30 की तुलना में 96.53 के स्तर पर कमजोरी के साथ खुला। यद्यपि कारोबार के दौरान स्थानीय मुद्रा ने अपनी शुरुआती गिरावट में आंशिक सुधार किया और 96.41 के स्तर पर पहुंचकर 11 पैसे की कमजोरी के साथ कारोबार करने लगी। इससे पूर्व शुक्रवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई कमी और सकारात्मक घरेलू माहौल के कारण रुपया 12 पैसे मजबूत होकर 96.30 पर बंद हुआ था।
वैश्विक तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका व ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 2.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 90.26 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही ठप होने और अमेरिकी हवाई हमलों के बाद ईरान की संभावित जवाबी कार्रवाई को लेकर बहरीन द्वारा जारी मिसाइल अलर्ट ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है।
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी का सकारात्मक संकेत
वित्तीय बाजार में मची उथल-पुथल के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 10 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 964 मिलियन अमेरिकी डॉलर की वृद्धि के साथ 675.157 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पिछले सप्ताह में भी कुल भंडार में 7.26 बिलियन डॉलर की उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जो देश की बाह्य वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करती है।
शेयर बाजार की अनिश्चितता और निवेशकों के लिए दृष्टिकोण
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल के कारण घरेलू शेयर बाजार में आने वाले दिनों में भी उतार-चढ़ाव बना रहने की संभावना है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों की चाल और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम आगामी कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में सतर्कता बरतें और मौलिक रूप से मजबूत क्षेत्रों में ही अपने निवेश को प्राथमिकता दें।
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