जबलपुर में रांझी के बड़ा पत्थर क्षेत्रवासियों का विरोध, आबकारी आयुक्त से की मांग
जबलपुर। शहर के रांझी इलाके के बड़ा पत्थर क्षेत्र में संचालित एक मदिरा दुकान (शराब दुकान) को वर्तमान स्थान गांधी चौक से हटाकर जेडीए मार्केट में स्थानांतरित (शिफ्ट) किए जाने का स्थानीय स्तर पर कड़ा विरोध शुरू हो गया है। इस फैसले से नाराज क्षेत्र के निवासियों और स्थानीय व्यापारियों ने लामबंद होकर कलेक्टर कार्यालय का रुख किया। वहां पहुंचकर नागरिकों ने आबकारी आयुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपा और इस स्थानांतरण को तुरंत रोकने की मांग की।
धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के पास दुकान खोलने पर आपत्ति, माहौल बिगड़ने का डर
सौपे गए ज्ञापन में नागरिकों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस शराब दुकान को किसी ऐसे स्थान पर ले जाया जाए जहां आम जनता को कोई आपत्ति न हो, ताकि क्षेत्र का सामाजिक और सांस्कृतिक ताना-बाना सुरक्षित रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़ा पत्थर तिराहा क्षेत्र पूरे इलाके की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र है। यहाँ पास ही दुर्गा मंदिर, शिव मंदिर और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है, जहाँ साल भर नियमित रूप से पूजा-पाठ और बड़े आयोजन होते हैं। इसके अलावा बुद्ध पूर्णिमा, अंबेडकर जयंती, संत रविदास जयंती, नर्मदा यात्रा और राष्ट्रीय पर्वों के मौके पर यहाँ भारी संख्या में आम लोग और परिवार इकट्ठा होते हैं। ऐसे पवित्र और संवेदनशील स्थल के पास शराब दुकान शुरू होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
व्यापारियों में डर का माहौल, नियमों को ताक पर रखने का आरोप
क्षेत्रवासियों और दुकानदारों का कहना है कि जेडीए मार्केट के समीप शराब दुकान का संचालन शुरू होने के बाद से ही आसपास का शांतिपूर्ण माहौल दूषित होने लगा है। यहाँ वर्षों से अपना व्यापार चला रहे दुकानदारों में अब सुरक्षा को लेकर डर और भय का वातावरण बन गया है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए बताया कि जेडीए मार्केट क्षेत्र में चखना, मांस और मदिरा की बिक्री व संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर यहाँ शराब दुकान खोली जा रही है, जो पूरी तरह से अवैध और गाइडलाइंस का उल्लंघन है।
बिना चौहद्दी निर्धारण के संचालन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
नागरिकों ने आबकारी विभाग और संबंधित ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस शराब दुकान की अनिवार्य 'चौहद्दी निर्धारण' (सीमा तय करने की कानूनी प्रक्रिया) भी अभी तक मुकम्मल नहीं हुई है। नियमों को पूरा किए बिना ही दुकान को धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र की कानून और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। ज्ञापन के जरिए जनता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसी (ठेकेदार) के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए और इस शराब दुकान को तत्काल प्रभाव से यहाँ से हटाकर किसी गैर-आवासीय क्षेत्र में शिफ्ट किया जाए।
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